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बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले; नीलकंठ पर्वत पर स्थित है मंदिर, यहां नर-नारायण ने यहां की थी तपस्या

बद्रीनाथ मंदिर के तीन भाग हैं गर्भगृह, दर्शनमंडप और सभामंडप, बद्रीनाथ के पास ही गंगोत्री और यमनोत्री भी स्थित है

शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं। कपाट खोलने के बाद रावल ईश्वरप्रसाद नंबूदरी ने विशेष पूजा करते हुए देश-दुनिया के कल्याण की कामना की। बद्री नारायण मंदिर को बद्रीनाथ भी कहा जाता है। ये तीर्थ उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे नीलकंठ पर्वत पर स्थित है। आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा इस धाम की स्थापना की गई है। ये मंदिर तीन भागों में विभाजित है, गर्भगृह, दर्शनमंडप और सभामंडप। गंगोत्री और यमनोत्री धाम भी इसी क्षेत्र में स्थित है।

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मंदिर से जुड़ी प्राचीन मान्यता

यहां मान्यता प्रचलित है कि पुराने समय में विष्णुजी ने इसी क्षेत्र में तपस्या की थी। उस समय महालक्ष्मी ने बदरी यानी बेर का पेड़ बनकर विष्णुजी को छाया दी थी। वृक्ष के रूप में लक्ष्मीजी ने श्रीहरि की बर्फ और अन्य मौसमी बाधाओं से रक्षा की थी। लक्ष्मीजी के इस सर्मपण से भगवान प्रसन्न हुए। विष्णुजी ने इस जगह को बद्रीनाथ नाम से प्रसिद्ध होने का वरदान दिया था।

ऐसी है बद्रीनाथजी की प्रतिमा

बद्रीनाथ मंदिर में विष्णुजी की एक मीटर ऊंची काले पत्थर की मूर्ति स्थापित है। विष्णुजी की मूर्ति ध्यान मग्न मुद्रा में है। यहां कुबेर, लक्ष्मी और नारायण की मूर्तियां भी हैं। इसे धरती का वैकुंठ भी कहा जाता है। यहां विष्णुजी के पांच स्वरूपों की पूजा की जाती है। विष्णुजी के इन पंच स्वरूपों को पंच बद्री कहा जाता है। बद्रीनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा अन्य चार स्वरूपों के मंदिर भी यहीं हैं। श्री विशाल बद्री पंच स्वरूपों में से मुख्य हैं।

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नर-नारायण की तपस्या स्थली

पुराने समय में नर-नारायण ने बद्री नामक वन में तपस्या की थी। यही उनकी तपस्या स्थली है। महाभारत काल में नर-नारायण ने श्रीकृष्ण और अर्जुन के रूप में अवतार लिया था। यहां श्री योगध्यान बद्री, श्री भविष्य बद्री, श्री वृद्घ बद्री, श्री आदि बद्री इन सभी रूपों में भगवान बद्रीनाथ यहां निवास करते हैं।

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कैसे पहुंच सकते हैं मंदिर तक

बद्रीनाथ के सबसे का करीबी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। ये स्टेशन बद्रीनाथ से करीब 297 किमी दूर स्थित है। ऋषिकेश भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। बद्रीनाथ के लिए सबसे नजदीक स्थित जोली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून में है। ये एयरपोर्ट यहां से करीब 314 किमी दूर स्थित है। ऋषिकेश और देहरादून से बद्रीनाथ आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस समय देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन है, आवागमन के सभी साधन बंद है। अभी बद्रीनाथ दर्शनार्थियों के प्रवेश बंद है। जब स्थितियां सामान्य हो जाएंगी, तब ये मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।

source:-bhaskar

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