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प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले प्रोडक्ट को लेकर FSSAI ने जारी किए नए दिशानिर्देश, ऐसे प्रोडक्ट की बिक्री में 40% तक वृद्धि हुई

  • बिस्कुट, नमकीन, नमक, पानी और यहां तक ​​कि खाकरा जैसे सभी नियमों के अनुरूप होने चाहिए
  • ऑनलाइन सर्चिंग में आयुर्वेदिक घरेलू उपचार, गिलोय और विटामिन सी का वर्चस्व छह गुना बढ़ गया है

नई दिल्ली. कोविड महामारी के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नई गाइडलाइन जारी की है। उसने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले प्रोडक्ट बिस्कुट, नमकीन, नमक, पानी और यहां तक ​​कि खाकरा जैसे सभी नियमों के अनुरूप होने चाहिए।भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के प्रवक्ता ने कहा, “हमने एक गाइड नोट जारी किया है, जिसका पालन किया जाना चाहिए और यह हमारी वेबसाइट के कोविड पेज पर है।” कोविड-19 के प्रकोप के दौरान, एफएसएसएआई ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाओं की मंजूरी में देरी से बचने के लिए ई-निरीक्षण प्रदान किया है।

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प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले प्रोडक्ट की बिक्री 40% तक बढ़ी प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री में अनुमानित 20-40% की वृद्धि हुई है। गूगल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के प्रोडक्ट की ऑनलाइन सर्चिंग में आयुर्वेदिक घरेलू उपचार, गिलोय और विटामिन सी का वर्चस्व छह गुना बढ़ गया है।

प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले प्रोडक्ट लॉन्च होने की उम्मीद: चावला स्पेंसर रिटेल और नेचस बास्केट के मुख्य कार्यकारी देवेंद्र चावला ने कहा, “स्वास्थ्य में सुधार के लिए इंस्टाग्राम, टिकटॉक और वॉट्सऐप पर जागरूकता बढ़ रही है। हेल्थ सप्लिमेंट, च्यवनप्राश यहां तक कि ब्रांडेड स्वास्थ्य नमक सहित कैटेगरी में फूड खपत बढ़कर दोहर अंक तक पहुंच गई है। आने वाले हफ्तों में स्वास्थ्य भोजन और प्रतिरक्षा-निर्माण सेगमेंट के प्रोडक्ट के ज्यादा लॉन्च की उम्मीद कर सकते हैं।” फूड उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले उत्पादों की अभूतपूर्व मांग है।

आयुर्वेद का महत्व बढ़ा: डाबर इंडिया डाबर इंडिया के मुख्य कार्यकारी मोहित मल्होत्रा ​​ने कहा, “कोविड-19 की वजह से दुनियाभर में हेल्थकेयर के साथ आयुर्वेद का महत्व बढ़ गया है। व्यक्तिगत स्वच्छता से उपभोक्ता के दिमाग विकसित होगा। आने वाले दिनों में हेल्थकेयर को लाभ होगा, क्योंकि उपभोक्ता अपनी प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए अधिक निवारक स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों की मांग करेंगे।”

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उन्होंने आगे कहा कि पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट जैसे हैंड सैनिटाइजर अब मंथली ग्रॉसरी का अहम पार्ट बन गया है। इस तरह के प्रोडक्ट में हम तेजी से वृद्धि देख रहे हैं।

सैनिटाइजर का विकल्प बेंगलुरु स्थित विप्रो ने सैनिटाइजर के विकल्प के रूप में रोगाणु संरक्षण के साथ पॉकेट इउ डे कोलोन का विस्तार किया है। विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग वीपी और बिजनेस हेड मनीष व्यास ने कहा, “यह प्रोडक्ट स्प्रे फॉर्मेट में सैनिटाइजिंग देता है, इस समय नेचुरल प्रोडक्ट की ज्यादा आवश्यकता है।”

हैंड सैनिटाइजर की लड़ाी पैराशूट ऑयल बनाने वाली कंपनी मैरिको ने सब्जी और फलों की सफाई करने वाला प्रोडक्ट वेजी क्लीन लॉन्च किया है। पिछले 15 दिनों में होटल-से-उपभोक्ता तक के लिए प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी आईटीसी ने 50 पैसे के पाउच में सैवलॉन हैंड सैनिटर्स पेश किया, इसके तुरंत बाद कैविनकेयर ने 1 रुपए वाला सैनिटाइजर पेश कर दिया।

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हैंड सैनिटाइजर में कूदी 152 नई कंपनियां मार्केट रिसर्चर नीलसन ने अप्रैल में एक रिपोर्ट में कहा था कि 56% उपभोक्ताओं ने कहा कि वे स्वस्थ, ऑर्गेनिक फूड, चिकित्सा आवश्यकताओं, फिटनेस और चिकित्सा बीमा पर खर्च बढ़ाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हैंड सैनिटाइजर, फ्लोर क्लीनर और हैंड वॉश की मांग बढ़ गई है। इस श्रेणी में 152 नई कंपनियों के साथ मार्च में हैंड सैनिटाइजर चार गुना से अधिक बढ़ गए हैं।

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source:-money bhaskar

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