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विदेश में फंसे भारतीयों को लाने के लिए विदेश मंत्रालय ने तैयार किया ‘एग्जिट प्लान’

देखा जा रहा है कि कितने लोग कहां हैं और उन्हें किस देश से भारत में किस राज्य तक लाने के लिए कितनी फ्लाइट्स की ज़रूरत पडेगी. जहां भी संभव होगा ये कोशिश की जाएगी कि ऐसे भारतीय नागरिक COVID-19 निगेटिव सर्टिफिकेट के साथ वापस आएं.

  • कैबिनेट सचिव की मीटिंग में हुआ प्रेजेंटेशन
  • देखा जा रहा कि कहां हैं कितने लोग

विदेश मंत्रालय ने दूसरे देशों में लॉकडाउन की वजह से फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी के प्लान पर शनिवार को प्रेजेंटेशन दिया. ये प्रेजेंटेशन कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की ओर से बुलाई गई शीर्ष अधिकारियों की बैठक मे पेश किया गया.

विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने ‘एग्जिट प्लान’ के बारे में विस्तार से बताया कि मंत्रालय किस तरह से भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी पर काम कर रहा है. इसके लिए देखा जा रहा है कि कितने लोग कहां हैं और उन्हें किस देश से भारत में किस राज्य तक लाने के लिए कितनी फ्लाइट्स की ज़रूरत पडेगी. जहां भी संभव होगा ये कोशिश की जाएगी कि ऐसे भारतीय नागरिक COVID-19 निगेटिव सर्टिफिकेट के साथ वापस आएं.

हर्ष श्रृंगला ने कहा कि ऐसा करने से ये पहचान करने में मदद मिलेगी कि किन लोगों को क्वारनटीन कैंप में भेजे जाने की आवश्यकता है और कौन होम क्वारनटीन में भेजे जाएं. विदेश मंत्रालय इस प्लान पर बारीक डिटेल्स के साथ काम कर रहा है. इसमें देखा जाएगा कि जब तक फ्लाइट्स दोबारा शुरू नहीं होतीं, तब तक किन लोगों को सबसे पहले स्वदेश वापस लाए जाने की जरूरत है और उनके पास इसके लिए क्या मजबूत आधार है.

ऐसी लिस्ट उन भारतीय नागरिकों, विजिटर्स और छात्रों तक ही सीमित नहीं रहेगी जो कोरोनावायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन में दूसरे देशों में फंसे हैं. इस लिस्ट में उन भारतीयों को भी शामिल किया जाएगा जो पुख्ता ‘मानवीय कारणों’ से घर लौटना चाहते हैं. ‘विशेष उड़ानों’ को भारत के विभिन्न राज्यों में हवाई अड्डों पर लाने की योजना बनाई जा रही है. इससे संबंधित राज्य सरकारों को आने वाले यात्रियों को क्वारनटीन पर भेजना सुविधाजनक रहेगा. विदेश से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए न सिर्फ फ्लाइट्स, जहां संभव होगा नौसेना के पोतों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

राज्यों को सतर्क किया गया है कि केंद्र की ओर से प्लान को मंजूरी मिलते ही इस प्लान पर अमल शुरू कर दिया जाएगा. यह पहली बार नहीं है कि मंत्रालय ने दूसरे देशों से भारतीय नागरिकों को वापस लाने का प्लान बनाया है. केरल, पंजाब, गोवा, राजस्थान, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों से बड़ी संख्या में लोग विदेश में रहते हैं. इन राज्यों का कहना है कि भारतीय नागरिकों की वापसी के प्लान पर जल्द से जल्द काम शुरू होना चाहिए. इसके लिए उन सभी प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाए जिससे कि भारतीय नागरिकों की देश में सुरक्षित एंट्री संभव हो सके. साथ ही क्वारनटीन और सेल्फ आइसोलेशन का गंभीरता से पालन किया जाए.

मिशनों को सूची तैयार करने के निर्देश

प्लान केवल उन भारतीयों को वापस लाने का है जो विदेश में फंसे हैं और उनके पास घर लौटने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है. इनके अलावा ऐसे भारतीयों के आवेदनों पर भी गौर किया जाएगा जो घर में मृत्यु, गंभीर बीमारी जैसे मानवीय आधार पर लौटना चाहते हैं. विदेश मंत्रालय कुछ समय से भारतीयों के एग्जिट प्लान पर काम कर रहा है, क्योंकि उसके Covid-19 कंट्रोल रूम को बड़ी संख्या में मदद के लिए कॉल्स और संदेश आ रहे हैं.

विदेश स्थित भारतीय मिशनों को सूची तैयार करने और उनके संबंधित स्टेशनों से होने वाली उड़ान के आधार पर भारतीय नागरिकों को वापस लाने के काम को वरीयता देने के लिए कहा गया है. रणनीति तैयार है, साथ ही विदेश मंत्रालय का राज्यों के साथ आने वाले नागरिकों पर समन्वय भी कायम है, ऐसे में विदेश मंत्रालय को प्लान पर अमल के लिए सरकार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है.

source :- Aajtak

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